Dard bhara bewafa shayari | बेवफा शायरी इन हिंदी

Dard bhara bewafa shayari, बेवफा शायरी इन हिंदी हम आपके लिए लाए हैं बेवफा शायरी जिन्हें आप अपने फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और पिनटेरेस्ट पर भी शेयर कर सकते हैं, अगर आपके साथ भी बेवफाई हुई है तो ये स्टेटस आपके लिए ही हैं।

Dard bhara bewafa shayari

पहले जिंदगी छीन ली मुझसे,
अब मेरी मौत का भी वो फायदा उठाती है,
मेरी कब्र पे फूल चढाने के बहाने,
वो किसी और से मिलने आती है।

उसके चेहरे पर इस क़दर नूर था,
कि उसकी याद में रोना भी मंज़ूर था,
बेवफा भी नहीं कह सकते उसको ज़ालिम,
प्यार तो हमने किया है वो तो बेक़सूर था।

रूक जाती है सारी शिकायतें इन होंठो तक आकर,
जब मासूमियत से वो कहते है अब मैंने क्या किया.

मेरी आँखों में आँसू की तरह एक बार आ जाओ,
तक़ल्लुफ़ से बनावट से अदा से चोट लगती है.

तेरा ख्याल दिल से मिटाया नहीं अभी,
बेवफा मैंने तुझको भुलाया नहीं अभी.

Dard bhara bewafa shayari, बेवफा शायरी इन हिंदी

इल्जाम न दे मुझको तूने ही सिखाई बेवफाई है,
देकर के धोखा मुझे मुझको दी रुसवाई है,
मोहब्बत में दिया जो तूने वही अब तू पाएगी,
पछताना छोड़ दे तू भी औरों से धोखा खायेगी.

मोहब्बत का नतीजा दुनिया में हमने बुरा देखा,
जिन्हे दावा था वफा का उन्हें भी हमने बेवफा देखा.

ये मोहब्बत के हादसे अक्सर दिलों को तोड़ देते हैं,
तुम मंजिल की बात करते हो लोग राहों में ही साथ छोड़ देते हैं.

मोहब्बत की भी देखो कैसी अजब सी कहानी है,
ज़हर पीया था मीरा ने दुनिया राधा की दीवानी है.

ना जाने क्यूँ नज़र लगी ज़माने की,
अब वजह मिलती नहीं मुस्कुराने की,
तुम्हारा गुस्सा होना तो जायज़ था,
हमारी आदत छूट गयी मनाने की.

मोहब्बत का नतीजा दुनिया में हमने बुरा देखा,
जिन्हें दावा था वफा का उन्हें भी हमने बेवफा देखा.

बेवफा लोग बढ़ रहे हैं धीरे-धीरे,
एक शहर अब इनका भी होना चाहिए.

Emotional heart touching shayari

बेवफा शायरी इन हिंदी

कोई मिला ही नहीं जिसको वफा देते,
हर एक ने दिल तोड़ा किस-किस को सजा देते.

इंसानों के कंधे पर इंसान जा रहे हैं,
कफ़न में लिपट कर कुछ अरमान जा रहे हैं,
जिन्हें मिली मोहब्बत में बेवफ़ाई,
वफ़ा की तलाश में वो कब्रिस्तान जा रहे हैं.

बहुत दर्द देती है आज भी वो यादें,
जिन यादों में तुम नजर आते हो.

एक दिन हम भी कफ़न ओढ़ जाएँगे,
हर एक रिश्ता इस ज़मीन से तोड़ जाएँगे,
जितना जी चाहे सतालो यारो,
एक दिन रुलाते हुए सबको छोड़ जाएँगे.

अब मत खोलना मेरी जिंदगी की पुरानी किताबों को,
जो थी वो मैं रही नहीं जो हूँ वो किसी को पता नहीं.

समेट कर ले जाओ अपने झूठे वादों के अधूरे क़िस्से,
अगली मोहब्बत में तुम्हें फिर इनकी ज़रूरत पड़ेगी.

उन्हें ज़िद है कि मैं हँसते हुए रुखसत करूं उनको,
मुझे डर है तुम्हारी आँख भर आई तो क्या होगा.

जहाँ पर नफरतों के खुरदरे दस्तूर होते हैं,
वहाँ पर प्यार के किस्से बहुत मशहूर होते है,
ये रिश्तों के उजालों में चमकते और बुझते हैं,
कहीं ये अश्क होते हैं कहीं सिन्दूर होते हैं.

Dard bhara bewafa shayari, बेवफा शायरी इन हिंदी

खुद को कुछ इस तरह तबाह किया,
इश्क़ किया क्या ख़ूबसूरत गुनाह किया,
जब मुहब्बत में न थे तब खुश थे हम,
दिल का सौदा किया बेवजह किया.

तू भी आईने की तरह बेवफा निकला,
जो सामने आया उसी का हो गया.

दिल भर ही गया है तो मना करने में डर कैसा,
मोहब्बत में बेवफाओ पर कोई मुकदमा थोड़े होता है.

हमारे हर सवाल का सिर्फ एक ही जवाब आया,
पैगाम जो पहूँचा हम तक बेवफा इल्जाम आया.

अरे बेपनाह मोहब्बत की थी हमने तुझसे ओ बेवफा,
तुझे दुःख दूं ये न होगा कभी खुद मर जाऊं यहीं ठीक है.

जख्मों को हमने खुद ही सिना सीख लिया है,
जीते है कैसे हमने जीना सीख लिया है,
अक्सर जो बहते रहते थे आंखों के रास्ते,
हमने भी उन अश्कों को पीना सीख लिया है.

ये प्यार था,कशिश थी,या बस फरेब कोई,
किस्मत में दूरियों के भी इंतजाम थे,
अब दूर तुमसे रह के महसूस ये हुआ,
मंज़िल नहीं थे तुम भी बस इक मकाम थे.

Dhoka bewafa shayari

तेरी बेवफाई का सौ बार शुक्रिया,
मेरी जान छूटी इश्क़-ऐ-बवाल से.

याद करेंगे तो दिन से रात हो जायेगी,
आईने को देखिये हमसे बात हो जायेगी,
शिकवा न करिए हमसे मिलने का,
आँखे बंद कीजिये मुलाकात हो जायेगी.

मोहब्बत का नतीजा दुनिया में हमने बुरा देखा,
जिन्हे दावा था वफा का उन्हें भी हमने बेवफा देखा.

मुझे दफनाने से पहले मेरा दिल निकालकर उसे दे देना,
मैं नहीं चाहता कि वो खेलना छोड़ दे.

वो बेवफा हर बात पे देता है परिंदों की मिसाल,
साफ साफ नहीं कहता मेरा शहर छोड़ दो.

कभी ग़म तो कभी तन्हाई मार गयी,
कभी याद आ कर उनकी जुदाई मार गयी,
बहुत टूट कर चाहा जिसको हमने,
आखिर में उनकी ही बेवफाई मार गयी.

क्यों जिंदगी इस तरह तुम दूर हो गए,
क्या बात है जो इस तरह मगरूर हो गए,
हम तरसते रहे तुम्हारा प्यार पाने को,
बेवफा बनकर तुम तो मशहूर हो गए.

तुम समझ लेना बेवफा मुझको, मै तुम्हे मगरूर मान लूँगा,
ये वजह अच्छी होगी, एक दूसरे को भूल जाने के लिये.

Dard bhara bewafa shayari, बेवफा शायरी इन हिंदी

है वो बेवफा तो क्या हुआ मत कहो बुरा उसको,
जो हुआ सो हुआ, खुश रखे खुदा उसको.

मजाक तो मैं बाद में बना,
पहले तो उसने मुझे अपना बनाया था.

इक उम्र तक मैं जिसकी जरुरत बना रहा,
फिर यूँ हुआ कि उस की जरुरत बदल गई.

वो कहता है कि मजबूरियां हैं बहुत,
साफ लफ़्ज़ों में खुद को बेवफा नहीं कहता.

एक बेवफा से प्यार का अंजाम देख लो,
मैं खुद ही शर्मशार हूँ उससे गिला नहीं,
अब कह रहे हैं मेरे जनाज़े पे बैठ कर,
यूँ चुप हो जैसे हमसे कोई वास्ता नहीं.

मौसम भी इशारा करके बदलता है,
लेकिन तुम अचानक से बदले हो हमें यकीन नहीं आता.

उसके चले जाने के बाद हम महोबत नहीं करते किसी से,
छोटी सी जिन्दगी है किस किस को अजमाते रहेंगे.

ये बेवफा वफा की कीमत क्या जाने,
है बेवफा गम-ऐ मोहब्बत क्या जाने,
जिन्हे मिलता है हर मोड पर नया हमसफर,
वो भला प्यार की कीमत क्या जाने.

dard bhari bewafa shayari

मौत के बाद याद आ रहा है कोई,
मिट्ठी मेरी कबर से उठा रहा है कोई,
या खुदा दो पल की मोहल्लत और दे दे,
उदास मेरी कबर से जा रहा है कोई.

नादान था जो वफ़ा को तलाश करता रहा ग़ालिब,
यह न सोचा के एक दिन अपनी साँस भी बेवफा हो जाएगी.

मत गिरा अपने झूठे इश्क के आसूं मेरी कबर पर,
अगर तुझ में वफा होती तो आज जिन्दगी हमसे यूँ खफा ना होती.

काश कोई अपना संभाल ले मुझको,
बहुत कम बचा हूँ बिल्कुल दिसम्बर की तरह.

अनजाने में यूँ ही हम दिल गँवा बैठे,
इस प्यार में कैसे धोखा खा बैठे,
उनसे क्या गिला करें भूल तो हमारी थी
जो बिना दिलवालों से ही दिल लगा बैठे.

उदास लम्हों की न कोई याद रखना,
तूफ़ान में भी वजूद अपना संभाल रखना,
किसी की ज़िंदगी की ख़ुशी हो तुम,
बस यही सोच तुम अपना ख्याल रखना.

Dard bhara bewafa shayari, बेवफा शायरी इन हिंदी

हर तरफ से कटा पड़ा हूँ मैं,
चीथड़ों में बेबस सा सिमट रखा हूँ मैं,
क्या गुनाह किया इश्क़ करके मैंने,
जो तुम्हारी दुनिया में मरा पड़ा हूँ मैं.

एक बात पूछें तुमसे जरा दिल पर हाथ रखकर फरमायें,
जो इश्क़ हमसे सीखा था अब वो किससे करते हो.

उसने जी भर के मुझको चाहा था,
फ़िर हुआ यूँ के उसका जी भर गया.

किसी का रूठ जाना और अचानक बेवफा होना,
मोहब्बत में यही लम्हा क़यामत की निशानी है.

मुझे शिकवा नहीं कुछ बेवफ़ाई का तेरी हरगिज़,
गिला तो तब हो अगर तूने किसी से निभाई हो.

तेरी तो फितरत थी सबसे मोहब्बत करने की,
हम बेवजह खुद को खुशनसीब समझने लगे.

छोड़ गए हमको वो अकेले ही राहों में,
चल दिए रहने वो औरों की पनाहों में,
शायद मेरी चाहत उन्हें रास नहीं आई,
तभी तो सिमट गए वो गैर की बाहों में.

उसने महबूब ही तो बदला है फिर ताज्जुब कैसा,
दुआ कबूल ना हो तो लोग खुदा तक बदल लेते है.

bewafa shayari hindi

तुम बदले तो मजबूरियाँ थी,
हम बदले तो बेवफ़ा हो गए.

याद रहेगा हमेशा यह दर्दे बेवफाई हमको भी,
कि क्या खूब तरसे थे जिंदगी में एक शख्स की खातिर.

प्यार में बेवाफाई मिले तो गम न करना,
अपनी आँखे किसी के लिए नम न करना,
वो चाहे लाख नफरते करें तुमसे,
पर तुम अपना प्यार कभी उसके लिए कम न करना.

उसकी बेवफाई पे भी फ़िदा होती है जान अपनी,
अगर उस में वफ़ा होती तो क्या होता खुदा जाने.
पहले इश्क फिर धोखा फिर बेवफ़ाई,
बड़ी तरकीब से एक शख्स ने तबाह किया.

आज धोखा मिला है इश्क में मेरा दिल टूट सा गया है,
ऐसा लग रहा है जैसे किसी का साथ छूट सा गया है.

आप बेवफा होंगे सोचा ही नहीं था,
आप भी कभी खफा होंगे सोचा नहीं था,
जो गीत लिखे थे कभी प्यार में तेरे,
वही गीत रुसवा होंगे सोचा ही नहीं था.

वह रोयी तो होगी खाली कागज देखकर,
पूछा था उसने अब कैसे गुजर रही है जिंदगी.

सर झुकाने की आदत नहीं है,
आँसू बहाने की आदत नहीं है,
हम खो गए तो पछताओगे बहुत,
क्युकी हमारी लौट के आने की आदत नहीं है.

हमें न मोहब्बत मिली न प्यार मिला,
हमको जो भी मिला बेवफा यार मिला,
अपनी तो बन गई तमाशा ज़िन्दगी,
हर कोई मकसद का तलबगार मिला.

Dard bhara bewafa shayari, बेवफा शायरी इन हिंदी

तूने ही लगा दिया इलज़ाम-ए-बेवफाई,
अदालत भी तेरी थी गवाह भी तू ही थी.

हर भूल तेरी माफ़ की तेरी हर खता को भुला दिया,
गम है कि मेरे प्यार का तूने बेवफाई सिला दिया.

ये बेवफा, वफा की कीमत क्या जाने,
ये बेवफा गम-ए-मोहब्बत क्या जाने,
जिन्हे मिलता है हर मोड पर नया हमसफर,
वो भला प्यार की कीमत क्या जाने.

इतनी मुश्किल भी ना थी राह मेरी मोहब्बत की,
कुछ ज़माना खिलाफ हुआ कुछ वो बेवफा हो गए.

तेरे हुस्न पे तारीफों भरी किताब लिख देता,
काश तेरी वफ़ा तेरे हुस्न के बराबर होती.

कोई मिला ही नहीं जिसको वफा देते,
हर एक ने दिल तोड़ा किस-किस को सजा देते.

उन्हें ज़िद है कि मैं हँसते हुए रुखसत करूं उनको,
मुझे डर है तुम्हारी आँख भर आई तो क्या होगा.

बेवफा लोग बढ़ रहे हैं धीरे-धीरे,
एक शहर अब इनका भी होना चाहिए.

समेट कर ले जाओ अपने झूठे वादों के अधूरे क़िस्से,
अगली मोहब्बत में तुम्हें फिर इनकी ज़रूरत पड़ेगी.

खतरनाक बेवफाई शायरी

बहुत दर्द देती है आज भी वो यादें,
जिन यादों में तुम नजर आते हो.

खुद को कुछ इस तरह तबाह किया,
इश्क़ किया क्या ख़ूबसूरत गुनाह किया,
जब मुहब्बत में न थे तब खुश थे हम,
दिल का सौदा किया बेवजह किया.

जहाँ पर नफरतों के खुरदरे दस्तूर होते हैं,
वहाँ पर प्यार के किस्से बहुत मशहूर होते है,
ये रिश्तों के उजालों में चमकते और बुझते हैं,
कहीं ये अश्क होते हैं कहीं सिन्दूर होते हैं.

अब मत खोलना मेरी जिंदगी की पुरानी किताबों को,
जो थी वो मैं रही नहीं जो हूँ वो किसी को पता नहीं.

एक दिन हम भी कफ़न ओढ़ जाएँगे,
हर एक रिश्ता इस ज़मीन से तोड़ जाएँगे,
जितना जी चाहे सतालो यारो,
एक दिन रुलाते हुए सबको छोड़ जाएँगे.

इंसानों के कंधे पर इंसान जा रहे हैं,
कफ़न में लिपट कर कुछ अरमान जा रहे हैं,
जिन्हें मिली मोहब्बत में बेवफ़ाई,
वफ़ा की तलाश में वो कब्रिस्तान जा रहे हैं.

मेरी निगाहों में बहने वाला ये आवारा से अश्क,
पूछ रहे है पलकों से तेरी बेवफाई की वजह.

रुशवा क्यों करते हो तुम इश्क़ को ए दुनिया वालो,
मेहबूब तुम्हारा बेवफा है तो इश्क़ का क्या गुनाह.

इस दुनिया में अजनबी रहना ही ठीक है,
कुछ लोग बहुत तकलीफ देते है,
अक्सर अपना बनाकर.

हाथ पकड़कर रोक लेते अगर तुझ पर जरा भी जोर होता मेरा,
ना रोते हम यूं तेरे लिए अगर हमारी जिंदगी में तेरे सिवा कोई और होता.

वो मिली भी तो क्या मिली बन के बेवफा मिली,
इतने तो मेरे गुनाह ना थे जितनी मुझे सजा मिली.

क्या जानो तुम बेवफाई की हद दोस्तों,
वो हमसे इश्क सीखती रही किसी ओर के लिए.

हमारी तबियत भी न जान सके हमे बेहाल देखकर,
और हम कुछ न बता सके उन्हें खुशहाल देखकर.

मत रख हमसे वफा की उम्मीद ऐ सनम,
हमने हर दम बेवफाई पायी है,
मत ढूंढ हमारे जिस्म पे जख्म के निशान,
हमने हर चोट दिल पे खायी है.

बहुत अजीब हैं ये मोहब्बत करने वाले,
बेवफाई करो तो रोते हैं और वफा करो तो रुलाते हैं.

यूँ है सबकुछ मेरे पास बस दवा-ए-दिल नही,
दूर वो मुझसे है पर मैं उस से नाराज नहीं,
मालूम है अब भी मोहब्बत करता है वो मुझसे,
वो थोड़ा सा जिद्दी है लेकिन बेवफा नहीं.

खुदा ने पूछा क्या सज़ा दूँ उस बेवफ़ा को,
दिल ने कहा मोहब्बत हो जाए उसे भी.

बेवफा से दिल लगा लिया नादान थे हम,
गलती हमसे हुई क्योंकि इंसान थे हम,
आज जिन्हें नज़रें मिलाने में तकलीफ होती है,
कुछ समय पहले उनकी जान थे हम.

किस-किस को तू खुदा बनाएगी,
किस-किस की तू हसरतें मिटाएगी,
कितने ही परदे डाल ले गुनाहों पे,
बेवफा तू बेवफा ही नजर आएगी.

कभी फुर्सत मिले तो इतना जरुर बताना,
वो कौन सी मोहब्बत थी जो हम तुम्हें दे ना सकें.

काम आ सकीं ना अपनी वफ़ाएं तो क्या करें,
उस बेवफा को भूल ना जाएं तो क्या करें.

सिर्फ एक ही बात सीखी इन हुस्न वालों से हमने​​,
​हसीन जिसकी जितनी अदा है वो उतना ही बेवफा है.

तेरी बेवफाई का काफिला मेरी शहर से यूं गुजरा,
गुजर गई मेरी हस्ती मिट गया पूरा शहर.

मेरे कलम से लफ्ज़ खो गए शायद,
आज वो भी बेवफा हो गाए शायद,
जब नींद खुली तो पलकों में पानी था,
मेरे ख्वाब मुझपे रो गाए शायद.

मेरी आँखों से बहने वाला ये आवारा सा आसूँ,
पूछ रहा है पलकों से तेरी बेवफाई की वजह.

तन्हाई में रोना और दुनिया वालों के सामने हंसना मजबूरी है हमारी,
हां पता है बेवफा है वो लेकिन सच्ची मोहब्बत है वो हमारी.

मैं नहीं बेवफा मेरा ऐतबार कर ले,
दे दे मुझे मौत या फिर प्यार कर ले.

तुम्हें गलतफहमी है, कोई सच्चाई नहीं है,
यह सच्चा प्रेम है, कोई बेवफ़ाई नहीं है.

हमें है आपकी कसम हम देंगे ना आपको गम,
हमारी वजह से हो आप की आंखें नम,
म कर नहीं सकतेआप पर इतना बड़ा सितम.

खुले आसमान के निचे बैठा हूँ …
कभी तो बरसात होगी,
एक बेवफा से प्यार किया हैं
तो ज़िन्दगी कभी तो बर्बाद होगी.

बेवफा शायरी दिल टूटने वाली

वफ़ा भी नही करता वो बेवफ़ा होने से भी डरता हैं,
मुझे पाना भी नही चाहता और मुझे खोने से भी डरता है.

हर धड़कन में एक राज़ होता है
बात को बताने का एक अंदाज़ होता है
जब तक ठोकर न लगे बेवाफ़ाई की
हर किसी को अपने प्यार पर नाज़ होता है।

वो खुश है बिछड़ कर मुझसे,
ऐ दुनिया बेवफ़ा न कह उसको।

मोहब्बत का नतीजा दुनिया में हमने बुरा देखा,
जिन्हें दावा था वफा का उन्हें भी हमने बेवफा देखा..!!

मेरी आँखों में आँसू की तरह एक बार आ जाओ,
तक़ल्लुफ़ से बनावट से अदा से चोट लगती है..!!

हमें है आपकी कसम हम देंगे ना आपको गम
हमारी वजह से हो आप की आंखें नम
म कर नहीं सकतेआप पर इतना बड़ा सितम ।

सारी भूलें तेरी माफ़ की, सब खताओं को तेरी भुला दिया,
गम है कि मेरे प्यार का तूने बेवफा बनके सिला दिया।

मुझे शिकवा नहीं कुछ बेवफ़ाई का तेरी हरगिज़,
गिला तो तब हो अगर तूने किसी से निभाई हो।

सब कुछ होते हुए भी इस दिल का दर्द नहीं जाता,
क्यूंकि किस्मत ने हमें Bewafai बना दिया।

हम इश्क़ में वफ़ा करते करते बेहाल हो गए,
और वो बेवफाई करके भी खुशहाल हो गए।

हमने ये सोचा वो वापिस आए हमारी मोहब्बत के लिए,
मगर वो बेवफा वापिस आए सिर्फ अपने काम के लिए!

दूरी और बेरुखी का जब उनसे जवाब माँगा गया ,
तो हमें Bewafa बना के
हमसे रिश्ता तोड़ने का जवाब दिया ।

मौसम तो बदलेंगे ये तो कुदरत की देन है,
मुझे अफ़सोस तो तेरे बदलने का हुआ है।

ये प्यार के हादसे अक्सर दिलों को तोड़ देते हैं,
मंजिल तो छोड़ो लोग राहों में ही साथ छोड़ देते हैं।

काम आ सकीं ना मेरी वफ़ाएं तो हम क्या करें,
मोहब्बत उस बेवफा की भूल न जाएं तो क्या करें।

हर भूल तेरी माफ़ की, हर खता को तेरी भुला दिया,
फिर भी तो मेरे प्यार का तूने बेवफा बनके सिला दिया।

हमसे यूँ न करिये बातें इतनी बेरुखी से सनम,
लगता है होने लगे हो कुछ-कुछ बेवफा से तुम।

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