जिंदगी का सच शायरी 2 लाइन

किसी की किस्मत बुलंद किसी की ख़राब रखती है, ये ज़िन्दगी है साहब, सबका हिसाब रखती है।

मौका मिलने पर पलट देती है बाज़ी, जिंदगी किसी की वफादार नहीं होती।

इन्सान के सफ़र को कई मोड़ देती है, जब थक जाती है जिंदगी तो छोड़ देती है।

किसी का आज तो किसी का कल होगा, मिलेगी मौत तो जिंदगी का सफ़र मुकम्मल होगा।

न कोई बेगाना, न कोई अपना है, ये ज़िन्दगी सच्चाई नहीं बस एक सपना है।

किसी के लिए दर्द भरी, किसी के लिए कमाल है, मगर सही मायनों में जिंदगी मायाजाल है।

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