जिंदगी का सच शायरी

एक साँस सबके हिस्से से हर पल घट जाती है, कोई जी लेता है जिंदगी, किसी की कट जाती है।

कंधे पर बैग आज भी है बस फर्क इतना है , कि पहले किताबें लेकर घूमता था और आज जिम्मेदारियां लेकर घूमता हूं।

ऐसे जीयो की  को पसंद आ सको दुनिया वालों की पसंद तो पल पल बदलती रहती है

देखा है ज़िंदगी को कुछ इतने क़रीब से, चेहरे तमाम लगने लगे हैं अजीब से।

बदल जाती है ज़िन्दगी की सच्चाई ऊस वक़्त, जब कोई तुम्हारा तुम्हारे सामने तुम्हारा नहीं होता।

तरक्की मिलेगी तो गिराने वाले भी मिलेंगे… तैयार रहना हमेशा, यू आजमाने वाले भी मिलेंगे

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