जी लो जिंदगी शायरी 2 line

बेमतलब की ज़िन्दगी का सिलसिला ख़त्म, अब जिस तरह की दुनिया उस तरह के हम।

जिंदगी का सफर भी कितना अजीब है, शामे कटती नहीं और साल गुज़रते चले जा रहे है!

ज़िन्दगी की हकीकत बस इतनी सी है, की इंसान पल भर में याद बन जाता है।

कितने ग़म, कितनी तड़प इसमें है, फिर भी लेकिन, जिन्दगी चीज ही ऐसी है, ना छोडी जाये।

जूझती रही, बिखरती रही, टूटती रही, कुछ इस तरह ज़िन्दगी, निखरती रही।

मेरी जिंदगी में खुशियां तेरी वजह से है, आधी तुझे सताने से है, आधी तुझे मनाने से है।

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