दो लाइन शायरी लव Sad

दिल टूटा है संभलने मे कुछ, वक़्त तो लगेगा साहब, हर चीज इश्क़ तो नहीं, की एक पल में हो जाए।

कोई दिल तोड़ गया कोई भरोसा तोड़ गया लोग फिर भी मुझे कहते है तु बदल गया..

ख़यालातों के बदलने से भी निकलता है नया दिन सूरज के चमकने से ही सवेरा नहीं होता

मेहंदी हो या मोहब्बत बात एक ही है जतन कितना भी करो एक दिन फ़ीकी हो ही जाती है

मत पुछ शीशे से उसके टुट जाने की वजह उसने भी किसी पत्थर को अपना समझा होगा

अब मेरी कोई ज़िंदगी ही नहीं अब भी तुम मेरी ज़िंदगी हो क्या?

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