माँ के लिए कुछ शब्द

रूह के रिश्तो की यह गहराइयां तो देखिए, चोट लगती है हमें और दर्द मां को होता है।

“कौन सी है वो चीज़ जो यहाँ नहीं मिलती,  सब कुछ मिल जाता है पर माँ नहीं मिलती..”

“घर में धन, दौलत, हीरे, जवाहरात सब आए, लेकिन जब घर में मां आई तब खुशियां आई..”

सीधा साधा भोला भाला में ही सबसे अच्छा हूँ, कितना भी हो जाऊ बड़ा माँ में आज भी तेरा छोटा बच्चा हूँ।

“खूबसूरती की इंतहा बेपनाह देखी… जब मैंने मुस्कराती हुई माँ देखी..”

भीड़ में भी सीने से लगा के दूध पिला देती है, बच्चा अगर भूखा हो तो माँ शर्म को भुला देती है।

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