सच्ची दोस्ती शायरी दो लाइन

तेरी मेरी दोस्ती इतनी खास हो, कि दुनिया कहे, काश ऐसा दोस्त मेरे पास हो.

जब मोहब्बत हाथ छोड़ देती है, तब दोस्त ही, कदम से कदम मिलाकर चलते हैं.

दोस्तों में ही बसती है जान मेरी, मुझे इन्हीं के संग रहना है, साल तो बहुत बदलते हैं मेरे दोस्त, मगर जिगरी यार नहीं बदलना है।

दम नहीं किसी में, जो मिटा सके हमारी दोस्ती को, जंग तलवारों को लगती है, मजबूत इरादों को नहीं.

हम दोस्त बनाकर किसी को रुलाते नहीं, दिल में बसाकर किसी को भुलाते नहीं, हम तो दोस्त के लिए जान भी दे सकते हैं, और लोग समझते हैं कि हम दोस्ती निभाते नहीं.

महक दोस्ती की इश्क से कम नहीं होती, ना हो इश्क तो जिंदगी खत्म नहीं होती, साथ अगर हो जिंदगी में दोस्तों का, तो जिंदगी जन्नत से कम नहीं होती.

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