सावन रोमांटिक शायरी

तेरे बिन सावन का आना मज़ा नहीं बल्कि मेरे तड़पते दिल के लिए सजा है

अर्ज़ किया है- गर्मियों में राहत देता है सावन,  चुरा लेता है हर किसी का मन.   महक जाता है हर एक इंसान,  जैसे बेजान में भी आ जाये प्राण

अर्ज़ किया है- सावन की आज पहली बारिश है ,   वो मिल जाये बस ये गुज़ारिश है।   दोनों मिलकर भीग ले इस मौसम में,  लगाई मैंने खुदा से सिफारिश है।

अर्ज़ किया है- सावन का अंदाज़ बड़ा लुभाता,  सौंधी खुशबू से सबको महकाता।  इस बारिश का मज़ा लेने के लिए,  हर कोई अपने घर से निकल आता।

अर्ज़ किया है- गर्मी हो गयी थोड़ी कम, क्यूंकि सावन का हुआ Welcome.  महक लो इस बारिश में , कही ये ना हो जाये कम।

अर्ज़ किया है- मौसम का अंदाज़ भाया है,  नए संवेरे साथ लाया है .  दरवाज़ा खोल के देखो,  भीगा हुआ सावन आया है.

Read More